राहुल गांधी ने ममता बनर्जी को फोन कर हमलों पर जताई चिंता, अभिषेक बनर्जी ने आभार व्यक्त किया, जानिए पूरी बातचीत
कोलकाता, पश्चिम बंगाल – तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों ने पश्चिम बंगाल की सियासी हलचल को बढ़ा दिया है। इस बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने एक बड़ा खुलासा किया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें फोन करके अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और हर तरह की मदद का भरोसा दिया।
पिछले दो दिनों से टीएमसी के प्रमुख नेताओं पर हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिसने राज्य के राजनीतिक माहौल को और भी गरमाहट दी है। तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जबकि पुलिस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है।
टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ इन घटनाओं के कारण राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है और भाजपा सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार ने हिंसा को बढ़ावा दिया है और वह खुद को हत्यारी साबित कर रही है।
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भी टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि स्थानीय लोग अपने आक्रोश का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसे विपक्ष राजनीतिक रंग दे रहा है।
टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी पर हमले के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने कहा कि भाजपा इस हमले की वजह है क्योंकि वह किसी भी विपक्षी आवाज को दबाना चाहता है। अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी के समर्थन पर आभार जताया और कहा कि सभी विपक्षी दल मिलकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए भाजपा के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
राहुल गांधी ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की कड़ी निंदा की और इसे भाजपा की बदले की राजनीति का एक घिनौना उदाहरण बताया। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से जवाब मांगा।
सियासी मायने में यह घटनाएं कई सवाल खड़े कर रही हैं और आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिस्थिति पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं। पुलिस जांच के पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सच क्या है और कौन जिम्मेवार है। फिलहाल राजनीतिक दल अपने-अपने बयान जारी करते रहे हैं और जनता इस घटनाक्रम को ध्यान से देख रही है।
यह मामला न केवल राज्य की राजनीति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि आगामी चुनावों में भी इसका असर नजर आने की संभावना है। राजनीतिक दल अब तक शांत रहने की बजाय जोरशोर से अपनी-अपनी बात रख रहे हैं, जिससे वातावरण और तनावपूर्ण हो गया है।
Edited By : Chetan Gour




