कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंचतत्व में विलीन
कांग्रेस के झंडे में निकली अंतिम यात्रा
इलाइट मुक्तिधाम में पुत्रों ने दी मुखाग्नि
कुशवाहा समाज ने खोया वरिष्ठ मार्गदर्शक
ललितपुर। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व पार्षद एवं कुशवाहा समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शक दुर्गा प्रसाद कुशवाहा बुधवार को इलाइट मुक्तिधाम में पंचतत्व में विलीन हो गए। मंगलवार शाम करीब 6.30 बजे उनके निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से श्वांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे दुर्गा प्रसाद कुशवाहा की तबीयत बिगडऩे पर 26 सितंबर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान मंगलवार को उनका निधन हो गया। दुर्गाप्रसाद कुशवाहा की अंतिम यात्रा कांग्रेस पार्टी के झंडे में निकाली गई। अंतिम यात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों, अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों और सर्व समाज के लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई अंतिम यात्रा इलाइट स्थित मुक्तिधाम पहुंची, जहां उनके पुत्रों ने उन्हें मुखाग्नि दी। मुक्तिधाम में मौजूद लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ मार्गदर्शक को अंतिम विदाई दी। दुर्गाप्रसाद कुशवाहा ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। कुशवाहा समाज को संगठित करने के साथ उन्होंने सर्व समाज के बीच भी अपनी अलग पहचान बनाई। समाज में एकजुटता, सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए किए गए उनके प्रयासों को लोग याद कर रहे हैं। वर्ष 1995 में उन्होंने कुशवाहा समाज जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान समाज को संगठित करने और सामाजिक गतिविधियों को गति देने के लिए उन्होंने सक्रियता से कार्य किया। समाज के बीच उनकी पहचान वरिष्ठ मार्गदर्शक और सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में बनी। इसके बाद वह कांग्रेस संगठन से जुड़े और वर्ष 2016 से 2019 तक कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रहे। संगठन में रहते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच सक्रिय रहकर संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनका राजनीतिक जीवन भी सक्रिय रहा। उन्होंने 1998 से 2003 तथा 2007 से 2012 तक ललितपुर नगर पालिका परिषद के पार्षद के रूप में सेवाएं दीं। पार्षद रहते हुए उन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं और आमजन से जुड़े मुद्दों को उठाया तथा लोगों के बीच सक्रिय रहकर कार्य किया। वर्ष 2012 में उन्होंने ललितपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रियता जारी रखी और सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहे। दुर्गा प्रसाद कुशवाहा की पुत्रवधू सविता कुशवाहा वर्तमान में वार्ड नंबर 13, पिसनारी बाग क्षेत्र से पार्षद हैं। दुर्गा प्रसाद कुशवाहा के निधन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, कुशवाहा समाज, सामाजिक संगठनों और उनके शुभचिंतकों ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने उनके सरल व्यवहार, सामाजिक सक्रियता और समाज के प्रति योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि देने वालों में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, पूर्व केंन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व सदर विधायक रमेश कुशवाहा, सपा से नेपाल सिंह, बुविसे प्रमुख हरीश कपूर, पत्रकार राहुल कुशवाहा, राकेश रजक, प्रकाश नारायण कुशवाहा, बलवंत सिंह राजपूत, नाती राजा, मोंटी शुक्ला, अंकित यादव, जगदीश सिंह लोधी, काल्पनीत सिंह लोधी, धर्म पटेल मिर्चवारा, विजय यादव, सेतु यादव, भजन लाल कुशवाहा, अनिल जैन, प्रकाश साहू, दिनेश साहू, अफजुल रहमान, अशोक पंथ, आशीष चौबे, कैलाश कुशवाहा ठेकेदार, मनमोहन चौबे, भूरे यादव पार्षद, संतोष कुशवाहा, अमित कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इसके अलावा जगदीश सिंह लोधी एड., भगवत कुशवाहा एड., पवन तिवारी एड., अवतार सिंह लोधी एड,, रामकिशोर राय एड.,, पुष्पेंद्र सिंह एड.,केहर सिंह परिहार एड., सूर्यप्रकाश राय एड., हीरालाल एड., अर्जुन कुशवाहा एड., कृष्णकांत विश्वकर्मा एड., शीतल नामदेव एड., प्रहलाद एड., शत्रुघ्न यादव, रामनरेश दुबे, शशिकान्त दीक्षित तथा रामू कुशवाहा सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भी अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।




