CM योगी बोले- मां गंगा की धारा की तरह जारी है विकास की यात्रा, प्रयागराज को मिली नई वैश्विक पहचान
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रयागराज नगर निगम के नवनिर्मित सदन हॉल और अनेक विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा मां गंगा की धारा की तरह निरंतर और अविरल तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने प्रयागराज को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आधुनिक विकास का अनूठा संगम बताते हुए कहा कि इस शहर ने वैश्विक पहचान हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने विकास के लिए ‘‘चरैवेति-चरैवेति’’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज आज केवल एक पौराणिक शहर नहीं रहा, बल्कि यह आधुनिक योजनाओं और आधुनिकता का उदाहरण बन चुका है। वे बताते हैं कि वर्ष 2017 से पहले माघ मेला और कुंभ जैसे प्रतिष्ठित आयोजन गंदगी, अव्यवस्था और असुरक्षा के कारण लोगों के लिए भयावह स्थल बन गए थे। परंतु वर्ष 2019 के कुंभ आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से प्रयागराज को यूनेस्को की मान्यता मिली, जिससे इसकी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को विश्व में स्थान मिला।
उन्होंने बताया कि डबल इंजन सरकार ने कुंभ 2019 एवं महाकुंभ 2025 के लिए व्यापक व्यवस्थाओं का विकास किया है, जो अगले कुंभ तक प्रयागराज की स्थायी धरोहर बन जाएगी। लेकिन इसके लिए इस व्यवस्था का बेहतर रखरखाव भी आवश्यक है।
सीएम योगी ने नगर निगम और महापौर के आकर्षक कार्यों की भी सराहना की और कहा कि विरासत को विकास के साथ जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज की 161 वर्ष पुरानी नगर निगम इमारत को भव्य स्वरूप दिया गया है और पार्षदों के लिए एक आधुनिक सदन हॉल भी बनकर तैयार हो चुका है। इसके अलावा 400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया है। उन्होंने जोनल पार्कों के विकास और शिवालिक पार्क की नई श्रृंखला का भी उल्लेख किया, जहां 400 टन वेस्ट मटेरियल से द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां बनाई गई हैं, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास हर वार्ड और मोहल्ले तक पहुंच रहा है। पहले अक्षय वट के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए बंद थे, लेकिन अब वे खुल चुके हैं। सरस्वती कूप का जल प्राप्ति भी संभव हुई है। साथ ही महर्षि भारद्वाज के आश्रम को अतिक्रमण से मुक्त कर भव्य स्वरूप दिया गया है। उन्होंने महर्षि भारद्वाज को विश्व का पहला कुलपति बताते हुए कहा कि प्रयागराज की सांस्कृतिक गरिमा पुनः स्थापित हो रही है। शहर की सड़कें चौड़ी, स्मार्ट और समृद्ध हो रही हैं और स्मार्ट सिटी का स्वरूप यह प्रदर्शित करता है कि विकास लगातार जारी है।
सीएम योगी ने सुरक्षा और सुशासन पर जोर दिया। नौ वर्ष पूर्व प्रयागराज में भय, अराजकता और माफियागिरी का माहौल था, लेकिन अब यह शहर माफिया-गुंडागर्दी से मुक्त हो चुका है। बेटियां, व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अपराधियों को कड़ा दंड मिलेगा। उन्होंने प्रयागराज वासियों का आभार जताया जिन्होंने महाकुंभ के दौरान यातायात और आवागमन की असुविधा के बावजूद सहिष्णुता और सहयोग दिखाया।
उन्होंने बड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज से दिल्ली मात्र सात घंटे की दूरी पर आ गया है। गंगा नदी पर लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से फोर-लेन पुल का निर्माण जारी है और फाफामऊ पुल का कार्य भी जल्द संपन्न होगा। ये सभी परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ते लोकार्पित होनी हैं। आगे भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम होगा और प्रदेश सरकार उनका पूर्ण समर्थन करेगी।
योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज विकास को आगे बढ़ाते हुए मां गंगा, अक्षय वट और भगवान वेणी माधव का स्मरण किया और इस विकास यात्रा को बिना रुके और झुके नित नए आयाम देने का संकल्प लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार प्रयागराज के विकास हेतु हर प्रस्ताव का स्वागत करेगी।
यह कार्यक्रम जल शक्ति मंत्री एवं प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, कई विधायकों एवं अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज नगर निगम के तीन वर्ष के विकास कार्यों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया और प्रयागराज मेला प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट का उद्घाटन किया। साथ ही सफाईकर्मियों को सम्मानित करते हुए उन्हें किट वितरित की गई, जिनमें कैप, ग्लव्स, बूट, मास्क और कोट शामिल थे।
उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रयागराज के संगम क्षेत्र में पहली बार फ्लोटिंग जेटी पर गंगा आरती का शुभारंभ हुआ है, जो प्रतिदिन शाम को श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य अनुष्ठान प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर गंगा पूजन एवं आरती की।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण की नई वेबसाइट श्रद्धालुओं को संगम में होने वाले सभी प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों, स्नान तिथियों, सुविधाओं और संपर्क विवरणों की जानकारी उपलब्ध कराएगी, जिससे यात्री और श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।
इस प्रकार प्रयागराज की विकास यात्रा न केवल मां गंगा की धारा के समान निर्बाध है, बल्कि यह शहर विश्वभर में अपनी समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आधुनिक पहचान के लिए भी प्रसिद्ध हो रहा है।




