सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: चुनाव आयोग का अधिकार है वोटर सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराना, प्रक्रिया गैर-संवैधानिक नहीं
नई दिल्ली, भारत
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की वैधता से जुड़े याचिकाओं पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि SIR कराना चुनाव आयोग का अधिकार है और चुनाव आयोग ने अपनी सीमा से बाहर कोई काम नहीं किया है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि SIR प्रक्रिया को केवल इसलिए ‘अल्ट्रा वायर्स’ (गैर-कानूनी) करार नहीं दिया जा सकता क्योंकि यह वोटर लिस्ट के आम रिवीजन से अलग है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक संवैधानिक और कानूनी रूप से मान्य प्रक्रिया माना है।
शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान नियमों के उल्लंघन से किसी का नाम मतदाता सूची से हटाया नहीं गया है। इसका लक्ष्य लोगों को सूची से बाहर करना नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि इस प्रक्रिया में कोई दोष नहीं पाया गया है।
याचिकाकर्ता की प्रतिक्रिया
याचिकाकर्ता व वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को पूरी तरह सही ठहराया है। उन्होंने बताया कि उनकी याचिका में मांग थी कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल पर, हर 5 साल में होनी चाहिए ताकि फर्जी एवं विदेशी मतदाता सूची से बाहर रह सकें।
अश्विनी उपाध्याय ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने हमारी दलीलों को सही माना और SIR के खिलाफ दायर याचिकाओं को अस्वीकार कर दिया। मैं आशा करता हूं कि अब मतदाता सूची से फर्जी और अप्रवासी नाम हटाए जाएंगे।”
इस फैसले की विश्वसनीयता को बढ़ाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सुनवाई में चुनाव आयोग को आधार कार्ड को SIR के लिए आवश्यक दस्तावेजों में शामिल करने का निर्देश दिया था, हालांकि यह स्पष्ट किया गया कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं होगा।
चुनाव आयोग इस आधार पर सत्यापन कर सकेगा ताकि फर्जी मतदाताओं की पहचान की जा सके।
यह निर्णय देश में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समीक्षा के दौरान कोर्ट ने यह ध्यान दिलाया कि चुनाव आयोग ने अपनी सभी शक्तियों का ठीक और संवैधानिक तरीके से उपयोग किया है, जिससे लोकतंत्र की स्वच्छता बनी रहेगी।
विश्लेषकों के अनुसार, इस फैसले से चुनाव आयोग की भूमिका सशक्त हुई है और भविष्य में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के शुद्धिकरण में यह एक मानक प्रक्रिया के रूप में स्थापित होगा।
edited by : Nrapendra Gupta




