पश्चिम बंगाल में आज मंत्रिमंडल का विस्तार, शुभेंदु सरकार के 35 मंत्री लेंगे शपथ, नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने वाली है। इस अवसर पर कुल 35 नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई जाएगी। पश्चिम बंगाल में नई सरकार बने एक माह से अधिक का समय गुजर चुका है, हालांकि अब तक पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में अभी तक केवल पांच मंत्रियों ने शपथ ली है।
अब तक मंत्रिमंडल में केवल दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू को ही जिम्मेदारी दी गई थी, बाकी मंत्री पद रिक्त थे। शुभेंदु अधिकारी और पांच कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण के लगभग तीन सप्ताह बाद यह पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार होगा।
पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की यह अहम प्रक्रिया सुबह 11 बजे नबन्ना, यानी राज्य सचिवालय में आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्यपाल आर एन रवि शपथ ग्रहण कराएंगे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस खबर की पुष्टि करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले से चुनी गई राष्ट्रवादी सरकार की पूर्ण मंत्रिपरिषद का गठन किया जा रहा है। मंत्रिपरिषद के विस्तार के तहत राज्य सरकार के 35 मंत्री सोमवार 1 जून 2026 को सुबह 11 बजे शपथ लेंगे।”
मंत्रिमंडल विस्तार में पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता और अभिनेता से नेता बने रुद्रनील घोष जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही इस सूची में दो या उससे अधिक महिला चेहरों को भी जगह मिल सकती है, जिससे महिलाओं को मंत्रिमंडल में उचित प्रतिनिधित्व मिले।
नए मंत्रीशिप विस्तार में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को अहम विभाग और जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। महिलाओं, पिछड़े वर्गों और उत्तर बंगाल के नेताओं को प्राथमिकता देने की संभावना है ताकि सभी क्षेत्रों और समुदायों को सरकारी कार्य में समुचित आवाज मिल सके।
विशेष रूप से यह भी कहा जा रहा है कि एक महिला अभिनेत्री को भी मंत्री पद मिलने की संभावना है, जो राजनीतिक और सामाजिक समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए यह मंत्रिमंडल विस्तार एक रणनीतिक कदम है, जो न केवल पार्टी की छवि मजबूत करेगा बल्कि आगामी चुनावों के लिए भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। राज्य में विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस की तुलना में भाजपा को अधिक स्थिर शासन प्रदाता के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है।
इससे पहले पश्चिम बंगाल के फालता क्षेत्र में भाजपा की प्रचंड जीत और शुभेंदु अधिकारी द्वारा की गई भविष्यवाणियाँ भी पार्टी को नई ऊर्जा देने वाली हैं। अब देखना होगा कि इस मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार किन नई नीतियों और पहलों को लागू करती है।
मंत्रिमंडल विस्तार के अवसर पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के अधिकारी, पार्टी के वरिष्ठ नेता और आम जनता की बड़ी संख्या में उपस्थिति की उम्मीद है। यह दिन पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में याद रखा जाएगा।
Edited By : Chetan Gour




