‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का भव्य शुभारंभ, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रकृति के बिना जीवन अधूरा
भोपाल, मध्यप्रदेश। 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राज्य स्तरीय “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस महत्त्वपूर्ण आयोजन ने राज्यभर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई उम्मीदें जगाई हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सर्कुलर इकॉनॉमी से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण कोर्स मॉड्यूल्स का विमोचन किया। इसके साथ ही एप्को और इन्टैक द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान की अंतर्गत 16 जिलों की 500 बावड़ियों के दस्तावेजों का भी अनावरण किया गया। यह कदम पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल माना जा रहा है।
डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में हुए कई नवाचारों और सफल प्रयासों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 11 शीर्ष संस्थाओं, व्यक्तियों और सामाजिक संगठनों को 8 अलग-अलग श्रेणियों में राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए। ये पुरस्कार वर्ष 2024-25 के लिए हैं, जो प्रदेश की पर्यावरण सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
सीएम ने अपने उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के सफल नेतृत्व के लिए अभिनंदन किया और कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि हमारी सनातन संस्कृति में पाँच तत्वों द्वारा बने ब्रह्मांड और पर्यावरण का विशेष महत्व है। उनका कहना था कि “यत पिंडे-तत ब्रह्मांडे” का सिद्धांत आज भी हमारे जीवन और प्रकृति के मध्य घनिष्ठ संबंध को प्रदर्शित करता है।
पर्यावरण के बिना जीवन अधूरा: डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे यहां भक्ति और पूजा-पाठ प्रकृति के बिना अधूरी मानी जाती है। तुलसी के बिना भोग असंभव है, जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु के कथन को उद्धृत करते हुए बताया कि पौधों में भी जीवन होता है। यह भारत की प्रकृति व पर्यावरण के प्रति गहरी समझ को दर्शाता है। जल संरक्षण के लिए जनजीवन से जुड़ी परंपराएं और आधुनिक प्रयास साथ मिलकर निरंतर चल रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूत: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक कार्यरत प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने देश को आतंकवाद, नक्सलवाद आदि चुनौतियों से मुक्त कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। भारत के वैज्ञानिक, खिलाड़ी और युवा हर क्षेत्र में विश्व में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसकी प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा प्रशंसा की है।
भोपाल गैस त्रासदी के दोषों का निराकरण: डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 40 साल पुराने भोपाल गैस त्रासदी की याद को मिटाने के लिए यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के कूड़े का सफलतापूर्वक निपटान किया है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। भूभाग के समुचित प्रबंधन के लिए भी सरकार आगे बढ़ रही है।
ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयास: मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सौर, पवन, बायोमास और जल विद्युत जैसे ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में 62 मेगावाट क्षमता के बड़े प्रोजेक्ट जारी हैं। खजुराहो सहित अन्य स्थानों पर तेजी से योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। वन्यजीव संरक्षण में चीतों का पुनर्वास और असम से जंगली भैंसे लाने जैसे कार्यक्रम चल रहे हैं। प्रदेश पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा के चिंतन में अग्रणी है।
समाप्ति: इस आयोजन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने जनता और विभिन्न संस्थाओं को पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक और सक्रिय होने का आह्वान किया। डॉ. मोहन यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पृथ्वी पर जीवन के लिए प्रकृति का संरक्षण अनिवार्य है और हम सबकी जिम्मेदारी है कि इसे संजोए रखें।
Edited by : Sudhir Sharma




