उत्तर प्रदेश

जमीन की रजिस्ट्री के बाद 28 लाख रुपये बकाया होने का आरोप

 

एसपी और विधायक से न्याय की गुहार, चार चेक बाउंस होने का दावा

तालबेहट पुलिस पर सुनवाई न करने और धमकाने के आरोप

निष्पक्ष जांच व बकाया राशि दिलाने की मांग

ललितपुर। जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद पूरी रकम का भुगतान नहीं किए जाने और 28 लाख रुपये बकाया होने का आरोप लगाते हुए ग्राम खांदी के मजरा तरियन निवासी दल सिंह कुशवाहा पुत्र अमान ने पुलिस अधीक्षक एवं विधायक को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता ने विपक्षी पक्ष पर बकाया भुगतान के लिए दिए गए चार चेकों के बाउंस होने का आरोप लगाया है। साथ ही, मामले की शिकायत करने पर तालबेहट पुलिस द्वारा कथित रूप से सुनवाई नहीं करने और धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता दलसिंह कुशवाहा के अनुसार, उसने अपनी पैतृक भूमि भजनलाल के नाम पर बेची थी। जमीन की बिक्री के दौरान तय रकम में से उसे कथित तौर पर केवल दो लाख रुपये प्राप्त हुए, जबकि 28 लाख रुपये की राशि बकाया रह गई। बकाया भुगतान के लिए विपक्षी पक्ष की ओर से चार चेक दिए गए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसने उक्त चेकों को बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया तो सभी चेक अस्वीकृत होकर बाउंस हो गए। इसके बाद बकाया रकम की मांग करने पर भुगतान नहीं किया गया, जिससे उसे आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता ने चार चेकों का उल्लेख किया है। उसके अनुसार, चेकों में क्रमश: 10 लाख रुपये, 9.80 लाख रुपये, 4 लाख रुपये और 4 लाख रुपये की रकम अंकित थी। इन चारों चेकों की कुल राशि 27.80 लाख रुपये होती है, जबकि शिकायत में कुल बकाया रकम 28 लाख रुपये बताई गई है। राशि में अंतर को देखते हुए मूल चेक, बैंक मेमो, जमीन की रजिस्ट्री तथा संबंधित भुगतान दस्तावेजों के आधार पर रकम का सत्यापन आवश्यक है। दलसिंह कुशवाहा ने आरोप लगाया कि चेक बाउंस होने के बाद जब वह बकाया राशि और कथित धोखाधड़ी की शिकायत लेकर कोतवाली तालबेहट पहुंचा तो उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने पुलिसकर्मियों पर कथित रूप से दबाव बनाने और दोबारा शिकायत करने पर मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पुलिस अधिकारियों और विपक्षी पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शिकायतकर्ता ने 23 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक और विधायक को अलग-अलग प्रार्थना पत्र सौंपे। उसने मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले पक्ष के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और कथित पुलिस उत्पीडऩ से संरक्षण प्रदान करने की मांग की है। इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने बकाया राशि दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की भी गुहार लगाई है। उसका कहना है कि जमीन हाथ से निकल जाने के बावजूद पूरी धनराशि प्राप्त नहीं होने से उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। शिकायतकर्ता की ओर से प्रार्थना पत्र के साथ जमीन की रजिस्ट्री अथवा बैनामा की प्रति और चेक बाउंस से संबंधित बैंक दस्तावेज संलग्न किए जाने का उल्लेख किया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!