नोएडा

योगी सरकार की तत्परता से तकनीकी समस्या दूर, आयुष्मान योजना के अस्पतालों को पुनः शुरू हुआ भुगतान

लखनऊ, उत्तर प्रदेश – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत योजना) के तहत शनिवार, 23 मई को जारी किए गए 100 करोड़ रुपये ने तकनीकी बाधाओं को पार करते हुए योजना के अस्पतालों को भुगतान पुनः शुरू करा दिया है। 14 मई से बैंकिंग प्रणाली में आई तकनीकी समस्या के कारण लगभग 600 करोड़ रुपये का भुगतान रुक गया था, लेकिन योगी सरकार की तत्परता और निरंतर प्रयासों के चलते यह समस्या जल्द ही सुलझा ली गई। अगले एक-दो दिनों में अतिरिक्त 500 करोड़ रुपए का भुगतान भी अस्पतालों को किया जाएगा, जिससे योजना के लाभार्थी निरंतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार योजना को और अधिक प्रभावशाली एवं पारदर्शी बनाने के लिए कृतसंकल्पित है। आयुष्मान कार्डधारक अब तक 50 लाख से अधिक मरीजों ने 91 लाख से अधिक बार अस्पतालों में इलाज कराया है, जिनके लिए 15 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। बावजूद इसके, 14 मई से 22 मई तक बैंकिंग तकनीकी समस्या के कारण भुगतान बाधित हो गया था, जिसे शीघ्र ही ठीक कर 23 मई से पुनः चालू कर दिया गया है।

साचीज (State Health Authority) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और बैंकों के बीच भुगतान फ़ाइलों के आदान-प्रदान में समस्या आ गई थी, जिससे क्लेम राशि आवंटित नहीं हो पा रही थी। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने अधिकांश क्लेम पहले ही स्वीकृत कर दिए थे, किन्तु तकनीकी कारणों से भुगतान नहीं हो रहा था, जिससे अस्पतालों में असंतोष व्याप्त था। प्रदेश सरकार ने इस पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए कई दौर की बैठकें आयोजित कीं और तकनीकी समस्या का सफल समाधान निकाला।

22 मई को बैंकिंग तकनीकी बाधा दूर कर 23 मई से अस्पतालों को 100 करोड़ का भुगतान जारी कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार शेष लगभग 500 करोड़ रुपये का भुगतान भी निकट भविष्य में पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही योजना से जुड़े अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से भुगतान भेजा जा रहा है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।

नई पहलें और योजना की प्रगति

अर्चना वर्मा ने बताया कि योगी सरकार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक वस्तुनिष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार नए अस्पतालों को योजना में शामिल कर रही है। गोल्डन कार्ड वितरण, ई-केवाईसी, हेल्प डेस्क और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं भी बेहतर की गई हैं ताकि योजना की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार हो।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अमित घोष ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अस्पतालों के भुगतान में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी न होने पाये। इसके लिए तकनीकी प्रणाली को और सशक्त किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा न आएं और योजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आये।

यह स्पष्ट है कि योगी सरकार की तत्परता और समन्वय के कारण तकनीकी समस्या का शीघ्र समाधान हुआ और देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना के लाभार्थियों तथा अस्पतालों को पुनः तत्काल वित्तीय सहायता मिलने लगी। इस पहल से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर और सतत प्रवाह सुनिश्चित होगा।

Edited By : Chetan Gour

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